नेपाली खाना गर्म, पेट भरने वाला और स्वाद से भरपूर होता है, गरमा-गरम दाल-भात की थाली से लेकर मोमो की टोकरी तक। यहाँ बताया गया है कि क्या चखें, कहाँ खाएँ और पेट को कैसे ठीक रखें।
ज़रूरी बातें
दाल-भात (चावल, दाल और सब्ज़ी) रोज़ का खाना है, और यह अक्सर शाकाहारी होता है।
कृपया नल का पानी न पिएँ; ताज़ा उबली चाय, साफ़ किया हुआ पानी या सील बंद बोतल बेहतर विकल्प हैं।
टीहाउस ट्रेक पर जहाँ ठहरते हैं वहीं खाने का चलन है, और जितना ऊपर जाएँगे खाना उतना महँगा होगा।
खाने, खाना आगे बढ़ाने और कुछ देने के लिए दाहिने हाथ का इस्तेमाल करें।
नशीले पदार्थों के क़ानून सख़्त हैं: थोड़ा सा गांजा मिलने पर भी कई साल की जेल हो सकती है।
लोग क्या खाते हैं
दाल-भात-तरकारी यानी चावल, दाल, सब्ज़ी और अचार, जो कई घरों और टीहाउसों में दिन में दो बार खाया जाता है।
कई जगह चावल और दाल दोबारा परोस देते हैं, पर हर जगह नहीं, इसलिए पूछने में कोई हर्ज़ नहीं।
मोमो (मांस या सब्ज़ी भरे) हर जगह मिलते हैं, और तिब्बती शैली का नूडल सूप थुक्पा पहाड़ों में शरीर गर्म रखता है।
पुराने व्यापारिक रास्तों की सरायों से आया थकाली खाना कई सब्ज़ियों वाली भरपूर दाल-भात की थाली है।
काठमांडू घाटी में नेवारी खाना ज़रूर चखें: बारा (तली हुई दाल की टिकिया), चतामरी (चावल के आटे का चीला) और भक्तपुर का दही, जुजु धौ।
त्योहार यानी दावत: दशैं पर बलि का मांस घर में प्रसाद के रूप में पकाया जाता है, और तिहार पर परिवार सेल रोटी तलते हैं, जो चावल की मीठी गोल रोटी है।
शाकाहारी, वीगन और भारतीय खाना
शाकाहारियों को अच्छा खाना मिलता है: दाल-भात अक्सर बिना मांस का होता है और मोमो सब्ज़ी वाले भी मिलते हैं। गोमांस पारंपरिक नहीं है, क्योंकि बहुत से हिंदू गाय को पूजते हैं।
वीगन यात्री घी, दही और चाय में दूध के बारे में पूछ सकते हैं।
भारतीय यात्रियों को जाना-पहचाना खाना मिलेगा: तराई का खाना पड़ोसी भारत जैसा ही है, और थमेल में भारतीय व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं।
कहाँ खाएँ
छोटे स्थानीय भोजनालय (नेवारी खाने के लिए भट्टी) टूरिस्ट रेस्टोरेंट से काफ़ी सस्ते होते हैं।
काठमांडू के थमेल और पोखरा के लेकसाइड में दुनिया भर के खाने वाले दर्जनों रेस्टोरेंट हैं।
समोसा और पकौड़ा जैसे स्ट्रीट स्नैक्स के लिए ताज़ा बना और मक्खियों से बचाकर रखा खाना चुनें।
टीहाउस ट्रेक पर कमरे सस्ते होते हैं क्योंकि लॉज की कमाई खाने से होती है, इसलिए जहाँ ठहरते हैं वहीं खाने का चलन है। दाम ऊँचाई के हिसाब से तय होते हैं, इसलिए कृपया मोल-भाव न करें।
Wikivoyage के अनुसार काठमांडू में एक दर्जन मोमो लगभग NPR 150–250 के होते हैं, लेकिन हम पक्का नहीं कर पाए कि यह मौजूदा दाम है।
जनवरी 2023 से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जुड़ना चाहिए; हमारी पैसे वाली गाइड देखें।
पानी और ठीक-ठाक पेट
नल का पानी पीने लायक नहीं है। Wikivoyage सलाह देता है कि बर्फ़ और सलाद तभी लें जब वे उबले और छने पानी से बने हों।
अमेरिकी CDC के अनुसार पकाकर गरम परोसा गया खाना, ख़ुद छीले गए फल और ताज़ा उबली चाय सबसे सुरक्षित हैं।
बोतलबंद पानी की सील सही-सलामत है, यह देख लें; स्थानीय रेस्टोरेंट के बड़े जार दोबारा भरे हुए हो सकते हैं।
ट्रेक पर प्लास्टिक की बोतलें ख़रीदने की बजाय दोबारा इस्तेमाल होने वाली बोतल और शुद्धिकरण टैबलेट या फ़िल्टर लाएँ। कुछ रास्तों पर थोड़े शुल्क पर सुरक्षित पेयजल केंद्र हैं।
खाने से पहले हाथ धोएँ, या कम से कम 60% अल्कोहल वाला सैनिटाइज़र इस्तेमाल करें।
खाने के तौर-तरीक़े
कृपया खाने, खाना आगे बढ़ाने और कुछ देने-लेने के लिए दाहिना हाथ इस्तेमाल करें; बायाँ हाथ थाली थामने में लगा सकते हैं।
जिस खाने या पेय को किसी के होंठ छू गए हों, वह दूसरों के लिए जूठा (अशुद्ध) माना जाता है, इसलिए कृपया दाँत से काटा नाश्ता न दें और एक ही बोतल से साझा न पिएँ।
किसी के घर बुलाया गया है? अगर दूसरों ने जूते उतारे हैं तो आप भी उतारें, रसोई में तभी जाएँ जब बुलाया जाए, और पहली बार थोड़ा कम लें ताकि दूसरी बार परोसा जाए तो ले सकें।
बीयर, स्थानीय पेय और क़ानून
Everest और Gorkha मुख्य स्थानीय बीयर हैं। रक्सी लगभग 45% अल्कोहल वाली साफ़ शराब है, छ्यांग चावल या कोदो (मंडुआ) की धुंधली बीयर, और तोंगबा बाँस की नली से चुस्की ली जाने वाली ख़मीरी कोदो।
ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय चेतावनी देता है कि पेय में मिले मेथनॉल का न स्वाद पता चलता है न गंध, और सलाह देता है कि अपना पेय लावारिस न छोड़ें।
क़ानूनी उम्र पर स्रोत अलग-अलग बात कहते हैं: 2017 की राष्ट्रीय शराब नीति कहती है कि 21 साल से कम उम्र के लोग शराब नहीं ख़रीद सकते, जबकि 2019 के स्वास्थ्य सर्वेक्षण का सारांश 18 साल बताता है।
ट्रेक पर CDC सलाह देता है कि ऊँचाई पर पहले 48 घंटे शराब से बचें।
चुनावों के आसपास शराब पर रोक लग सकती है, जैसे 5 मार्च 2026 के मतदान से पहले लगभग एक हफ़्ते तक पूरे देश में लगी थी।
ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय कहता है कि थोड़ा सा गांजा मिलने पर भी पाँच साल से ज़्यादा की जेल हो सकती है, और कुछ स्किनकेयर समेत CBD वाले उत्पाद ग़ैरक़ानूनी हैं।
दिए गए स्रोतों पर आधारित सामान्य जानकारी, कोई गारंटी नहीं। नियम, शुल्क और रास्तों की हालत बदलती रहती है; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत या पंजीकृत ट्रेकिंग एजेंसी से पुष्टि करें।